Posts
अध्यात्मिक उन्नतिकी शास्त्रीय सिढी....
- Get link
- X
- Other Apps
🌷🌹🌺🌸🌼🌸🌹🌷 *अध्यात्मिक उन्नतिकी शास्त्रीय सिढी* 1. जब आप अध्यात्मिक चर्चा विद्वात्तपूर्ण तरिकेसे करते हैं, या जब जप या साधना करते हैं... 2. *तबहिसे आपका "ज्ञान मार्गसे या साधना या दुसरे मार्गसे मोक्ष का प्रवास शूरु होता है।"* 3. जैसे जैसे ज्ञानप्राप्ती होती जाती है, तैसे तैसे विचारोंकी क्लिष्टता कम होती जाती है ... 4. सशब्द ते निःशब्द ऐसे प्रवास की शूरुवात होती है। 5. प्राथमिक अवस्थामे ... उद्वेग, उद्विग्नता ऐसे विचारोंका मन मे बवंडर निर्माण होता है। 6. विद्वात्ता के विकास के बाद उसकीय जगह *अहंकार* ले लेता है। 7. उससे बाहर निकलने पर विरक्ती आ जाती है। विरक्ती यह *विकार* आहे. अध्यामें विकारो को स्थान नही है। इसिलीये विरक्तीसे भी मुक्त होना जरुरी होता है। 8. बाद में *सिद्धी* की प्राप्ती होती है। मतलब आपको आसानिसे *चमत्कार* करना संभव हो जाता है। इस अवस्थामे मोह ना होने के कारण आपको या कोई बडी बात लगती नहीं। (ना लगना चाहीये) यदी यः बात से आपको आनंद होने लगा तो आप फिरसे मोह मे अटक जाते हो। *ज्यादातर भोंदू बाबा लोगोका यही...